बरसात में पनपने वाले कीड़े मकोड़ों से छुटकारा पाने के उपाय
दो दिन पहले की ही बात है. मेरी पड़ोसन नेहा जी का छोटा बेटा दीपू इस लॉक डाउन में घर में ही अपनी छोटी बहन पीहू के साथ खेल रहा था. खेलते–खेलते अचानक ही उसके शरीर पर खुजली शुरू हो गई और हाथ–पाँव में लाल–लाल चक्कते होने लगे. नेहा जी ने घबड़ाते हुए मुझे फोन किया और उन्होंने दीपू के बारे में पूरी जानकारी दिया. मैं तुरंत होमियोपैथी मेडिसिन लेकर उनके घर गई. उनके घर के अंदर–बाहर के वातावरण का पूर्ण अवलोकन करने के पश्चात् मुझे तुरंत पता चल गया कि दीपू को कोई बरसाती कीड़ा खिड़की से आकर काट लिया है. लेकिन होमियोपैथी मेडिसिन लेने के बाद दीपू जल्दी ही ठीक हो गया.
जो बात दीपू के साथ हुई, वैसी घटनाएँ अथवा समस्या बरसात के मौसम के शुरू होते ही शुरू हो जाती है. या यूँ कह लीजिए की बरसात का मौसम आते ही घर से लेकर पास–पड़ोस सभी जगहों पर चींटी, कॉक्रोच, मक्खी, झींगुर, दीमक, मच्छर आदि का आना एक ऐसी मुसीबत का रूप धारण कर लेती है, जिससे निजात पाने के लिए घर के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अपनी राय ही नही देने लगते हैं, बल्कि इसके प्रकोप से बचने के लिए अपने – अपने तरीके भी आजमाने लगते हैं. भाई क्यों नही पूरा घर इन कीड़े –मकोड़ों को खत्म करने के पीछे पड़ जायेगा. आखिर कितने प्रकार की जानलेवा बीमारियों (मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, हैजा, ज्वर, पेचिश, टाइफॉएड आदि) को जन्म देते हैं ये कीड़े–मकोड़े बरसात में. वैसे एक बात मैं यहाँ पर अवश्य कहना चाहूँगी कि विशेष रूप से ये उन घरों या स्थानों पर बरसात के मौसम में पनपते हैं, जहां पर नियमित रूप से ठीक से साफ-सफाई पर ध्यान नही दिया जाता है.
चूँकि मैं मुख्य रूप से इस लेख में बरसात के मौसम में पनपने वाले कीड़े –मकोड़ों अथवा जीव (मक्खी, मच्छर, मकड़ी, चींटियाँ, दीमक, तिलचट्टे, छिपकली आदि) की बात कर रही हूँ, इसलिए मैं आपको इन सभी से बचाव के कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताने जा रही रही हूँ, जिन्हें मैने खुद आजमाया है-
(2) घर में पोंछा करते समय फिनाइल डालकर पोंछा करें. कभी–कभी पोंछा लगाने वाले पानी में फिटकिरी का पाउडर डाल दिया कीजिए. मक्खी – मच्छर इससे नही आयेंगे.
(3) अपने घर के आस–पास डीडीटी पाउडर का छिड़काव भी बरसात भर जरुर करवाते रहिए.
(4) सभी कमरें में नीम के सूखे पत्ते का धुआँ या कपूर का धुआं कर दें. काफी हद तक मच्छर भाग जायेंगे.
(5) वैसे तो बरसात के मौसम में कूलर का उपयोग अधिकांश घरों में बंद ही हो जाता है. फिर भी अगर आप कूलर का उपयोग कर रहे हैं तो कूलर का पानी प्रतिदिन बदलें और उसमें थोड़ा सा मिट्टी का तेल भी डाल दें, इससे मच्छर नही पनपेंगे.
(6) लैवेंडर एसेंशियल ऑयल आसानी से आजकल बाजार में मिल जाता है. इसकी कुछ बूंदें भी मक्खी – मच्छर के लिए पावरफुल होती है. इसके लिए आप लैवेंडर एसेंशियल ऑयल को स्पंज के टुकड़े में अच्छे से भिंगोकर कमरे के एक कोने में टांग दें. कमरे में मक्खी – मच्छर का आना बंद हो जायेगा.
(7) बरसात में लाल चीटियाँ भी खाद्य सामग्री को ख़राब कर देती हैं. इससे बचाव के लिए आप चींटियों के छेद के पास बोरेक्स पाउडर डाल दें. चींटियों का आना बंद हो जायेगा.
(8) रात को तिलचट्टे सिंक व वॉशबेसिन की पाइप अथवा नालियों से बाहर आते हैं और खाद्य सामग्री के साथ–साथ अन्य चीजों पर चढ़ जाते हैं. जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बहुत ही घातक है. इसके लिए अगर आप फिनाइल की 2-4 गोलियां सिंक व् वॉशबेसिन में डाल देंगे तो इनका पाइप अथवा नाली के रास्ते से आना बंद हो जायेगा.
(9) किताबों की रैक में नीम के सूखे पत्ते रखने से किसी भी प्रकार का कीड़ा नही लगता है. वरना आपने देखा होगा कि बरसात में सीलन यानि की नमी होने की वजह से किताब- कॉपी में भी नन्हें–नन्हें कीटाणु पनप जाते हैं.
(10) जहां दीमक लग गई हो, वहां पर आप मिट्टी तेल ड्रॉपर में डालकर आठ –दस बूंद गिरा दे. बाजार में दीमक मारने की दवा भी आती है. इसे भी आप ड्रॉपर में भरकर दीमक लगने वाली जगहों पर डाल सकते हैं.
(11) वैसे एक नुस्खा मैने हाल ही में दीमक से छुटकारा पाने के लिए आजमाया था. चाहे तो आप भी आजमा सकते हैं एक बार. अगर दीमक अलमारी अथवा पलंग–सोफे आदि के भीतरी हिस्से में लग गया हो तो चूना छींटकर दो–चार दिन छोड़ दें और बाद में उस जगह को साफ़ कर लें. दोबारा दीमक नही लगेगा.
(12) बरसात के मौसम में छिपकलियों के अंडे भी बढ़ जाते है. इनके छोटे – छोटे बच्चे कभी –कभी आपके सामने से जमीन पर से ऐसे पार होते है कि अगर थोड़ी –सी भी नजर चूक जाये तो ये हमारे पाँव के नीचे आ जायेंगे. मैने इसे आजमाया तो नही है किन्तु सुना जरुर है कि घर की दीवारों पर मोर के पंख लगाने से काफी राहत मिलती है. इसके अलावा आप छिपकलियों से निजात पाने के लिए समय –समय पर अच्छे कीटनाशक का भी छिडकाव करते रहिए.
(13) एक बात पर आपने जरुर गौर किया होगा कि बरसात के मौसम में मकड़ी के जाले बड़ी जल्दी–जल्दी लग जाते हैं. झाड़न से इसकी सफाई नियमित करना ही इसका सबसे बेहतर उपाय है.
(14) कुछ हद तक चूहों की संख्या भी इस मौसम में बढ़ जाती है. चूहे क्या –क्या नुकसान पहुँचाने का काम करते हैं, इसे बताने का अर्थ है किसी की दुखती रग पर हाथ रख देना. क्योंकि जब भी चूहों की बात चलती है तो लोग अपनी आप –बीती इन चूहों के साथ की ऐसे बताने लगते है, जैसे ये चूहे मनुष्य के जीवन में हिंदी फिल्म के विलेन की तरह हों. आज बाजार में चूहों के पकड़ने वाले कई प्रकार के पिंजरे, डिब्बे और जहरीली दवायें बिकती हैं. ये कोई बताने वाली बात नही है, किन्तु चूहों से निजात पाने में मुझे सबसे ज्यादा जो चीज अच्छी लगी है, यानि की पूर्ण कारगर हुई है, वो है STICKY PAD. जी हाँ मैं लम्बे समय से इसका इस्तेमाल कर रही हूँ और अपने घर–ऑफिस आदि को चूहों से मुक्त रखती हूँ.
(15) नन्हीं लाल चीटियों से निजात पाने का मुझे सबसे अच्छा तरीका लगता है, हर्बल क्रेजी लाइन या फिर लक्ष्मण रेखा वाली स्टिक्स से उन सभी जगहों पर लाइन खींच देना, जहाँ से चीटियाँ लाइन बनाकर आ रही हों. कोई ख़ास खाने–पीने या अन्य चीज में आपको लगता कि पक्का कुछ देर के बाद चींटी लग जाएगी तो आप उसके चारों ओर लक्ष्मन रेखा से गोल खींच दें. ये चींटियां कुछ ही देर में गोले के आस–पास मरी हुई मिलेंगी.
(16) अंत में मैं एक और चीज के बारे में आपको बताना जरुरी समझती हूँ. आजकल मच्छरों को मारने अथवा भगाने वाली कई प्रकार की मशीने, अगरबती और टिकिया बाजार में उपलब्ध है. कृपया इसे सावधानीपूर्वक उपयोग में लायें. जहाँ तक मेरे स्वयं के इस्तेमाल की बात है, तो मैं यही राय दूंगी की आप स्वीच में लगाने वाली MOSQUITO REPELLENT ही इस्तेमाल करें. काफी हद तक ये स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी सही होते हैं.
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तस्वीर- सप्तरंग स्टूडियो से (फोटोग्राफी: जयराज प्रसाद)


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