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फर्स्ट इम्प्रेशन' का महत्व कितना?

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शोभा शादी करके जब ससुराल आई तो उसे पहले दिन ही अपनी सास का वो रूप देखने को मिला, जिसे वो चाहकर भी नहीं भूल पाती है. हुआ यूं कि जिस दिन शोभा ससुराल आई, उस दिन उसकी सास अपनी देवरानी से किसी बात पर बुरी तरह झगड़ पड़ी. बात छोटी-सी ही थी, किंतु शोभा की सास अपने क्रोद्ध  पर क़ाबू न रख सकीं. नतीजा यह हुआ कि पहले दिन से ही शोभा के मन में अपनी सास के लिए कड़वाहट भर गई तथा वह अपनी सास से डरने भी लगी. वैसे उसकी सास का उसके साथ बहुत अच्छा व्यवहार रहता है. फिर भी, ससुराल में क़दम रखते ही पहले दिन वो सास का जो स्वभाव देख चुकी है, उसका गहरा प्रभाव उस पर पड़ा है. यही कारण है किं शोभा आज तक अपनी सास से खुल नहीं पाई है. ऐसे ही एक स्कूल में कल्पना जी को टीचर की नयी-नयी नौकरी मिली. पहले दिन जब वो बच्चों को पढ़ाने कक्षा में गई तो पहले दिन ही बच्चों को इतना डांट-डपट कर पढ़ाया कि बच्चे उनसे डर गए. नतीजा यह है कि बच्चों को अगर कोई सवाल ठीक से समझ में नहीं आता है तो भी वे उनसे यानि कल्पना जी से डर के मारे नहीं पूछते हैं. कक्षा से वे जैसे ही बच्चों को पढ़ाकर निकलती हैं, बच्चे राहत की सांस लेते हैं. देखा जाए...

पढ़ें 8 अनिवार्य बातें, उपहार लेने- देने से पहले

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जमाना जरुर बदल गया है किन्तु आज भी त्योहारों, विवाहोत्सव या जन्मोत्सव के दिन आते ही हम अपने मित्रों और रिश्तेदारों के लिए उनकी पसंद का उपहार खरीदने में लग जाते हैं. हालाँकि यह परंपरा प्राचीन युग से चली आ रही है. जिस युग में भी यह परम्परा शुरू की गयी हो, इससे कोई फर्क नही पड़ता है, क्योंकि एक बात तो इस सत्य को जरुर दर्शाती है कि यह परम्परा बेहद कोमल भावना के साथ शुरू की गयी होगी. क्योंकि उपहार न केवल देने वाले की भावनाओं का प्रदर्शन करती है, बल्कि उपहार लेने वाले के उत्साह व् आनन्द को भी प्रदर्शित करती है. अत: आप जब भी किसी के लिए उपहार खरीदें तो इन 8 मुख्य बातों का ध्यान अवश्य रखा कीजिए- उपहार में छुपी है आपके इज्जत और प्रेम की अभिव्यक्ति-  (1) सर्वप्रथम तो उपहार देते समय आयु वर्ग का ख्याल रखना जरुरी है. अगर आप इसका ख्याल नही रखेंगे तो हो सकता है कि आपने जो चीज जिसके लिए दी, वो उसके आयु के हिसाब से सही नही है, तो उसे वह स्वयं इस्तेमाल नही करके किसी और को इस्तेमाल करने के लिए दे देगा. अगर कभी उसपर आपकी नजर पड़ गयी तो आपको भी मन से अच्छा नही लगेगा. (2) ख़ुशी के किसी भी अवसर (विवाहोत्सव,...