अतीत से भविष्य तक के सफर में

 



आज आप मेरे इस लेख के शीर्षक को पढ़कर ये बिलकुल मत समझिएगा कि मैं आपको कोई आध्यात्मिक लेख पढने को कहने वाली हूँ, क्योंकि आज की तारीख में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो आध्यात्मिक विषय पर चिन्तन करना पसंद करते हैं. लेकिन इस सच को भी आप नही नकार सकते हैं कि आध्यात्म हमे जीवन में असली आनंद की ओर ले जाता है. 

आज मैं इस लेख में एक ऐसे विषय पर चर्चा कर रही हूँ या फिर कह लीजिये कि अपनी बात रख रही हूँ, जो कहीं ना कहीं आम व्यक्ति के जीवन से गहराई तक  जुड़ा हुआ विषय है. जैसे ही वर्तमान में कोई दुःख आता है, मानव अपने अतीत के उस पल में चला जाता है जिस पल में उसे आज की ही तरह किसी बड़े दुःख का सामना करना पड़ा था. इसके ठीक विपरीत अगर वर्तमान में कोई ख़ुशी प्राप्त होती है तो मानव तुरंत भविष्य के उस पल में चला जाता है जिसे उसने अभी दूर -दूर तक देखा भी नही है. यानि की एक आम मनुष्य कहीं ना कहीं अतीत से भविष्य तक के सफर में यात्रा करता रहता है और बीच में जो वर्तमान पल है उसकी महता को समझ नही पाता है. जबकि उसे अच्छी तरह से पता है कि अतीत कभी लौट कर नही आता है और भविष्य किसी का क्या होगा, ये कोई दावा नही कर सकता है. 

आपका अतीत चाहे कितना भी दुखद हो या सुखद हो, किन्तु आप उससे सबक सीखकर अपना वर्तमान जरुर अच्छा बना सकते हैं. लेकिन भविष्य के बारे में अत्यधिक सोच -सोचकर आप अपने वर्तमान के सुख को भी पूरे आनन्द के साथ नही जी पाते हैं. इसलिए अगर आप जीवन में हर पल आनन्दित रहना चाहते हैं तो अधिक से अधिक वर्तमान में रहने का प्रयास कीजिये. वर्तमान में मिलने वाले दुःख को सहन करने की क्षमता अपने अंदर पैदा कीजिये और वर्तमान में मिलने वाले सुख को सम्भालकर रखना सीखिए. इतना खुश मत हो जाइए कि बस भविष्य के रंगीन सपने बुनना शुरू कर दीजिये. क्योंकि कई बार भविष्य में जब कोई चीज हमारी सोच के हिसाब से हासिल नही होता है तो हम पूरी जिन्दगी मायूसी में गुजार देते हैं. कई बार ऐसा भी देखा गया है कि भविष्य में हमे कई चीज हमारी सोच से ज्यादा भी प्राप्त हो जाती है. 

इसलिए ज्यादा से ज्यादा वर्तमान में रहने की कोशिश कीजिये. सही दिशा में अपनी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, पारिवारिक अथवा सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखकर मेहनत कीजिये, स्वयं को सकारात्मक कार्यों में व्यस्त रखिये, सकारात्मक सोच वाले लोगों से ज्यादा मिलिए -जुलिये. फिर देखिये आपको अभाव में भी जीवन कितना सुंदर लगेगा. 


टिप्पणियाँ

  1. सत्य 👍👍सकारात्मकता जीवन को ऐसा ऊर्जावान बना देती जिससे व्यक्ति हर परिस्थिति को भी सामान्य रूप से हँसकर बिता देता उसमें आगे बढ़ने की एक नयी उमंग और ऊर्जा पैदा होती है

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