रंग भी हमारे व्यक्तित्व व मूड को प्रभावित करते हैं


बहुत अच्छा से ना सही,  लेकिन कुछ हद तो आपको भी पता होगा कि रंग भी हमारे व्यक्तित्व व मूड को प्रभावित करते हैं.कुछ ख़ास प्रोफेशन में तो खास रंग के ही कपड़े (ड्रेस कोड) पहनने होते हैं. उदाहरण के तौर पर डॉक्टर सफेद कोट अथवा एप्रोन पहनते हैं तो वकील काला कोट ही पहनते हैं. पुलिस खाकी रंग पहनते हैं.

कई विशेषज्ञों ने अपने शोध के आधार पर यह प्रमाणित कर दिया है कि अलग-अलग रंगों का प्रभाव मानव के दिमाग पर अलग-अलग पड़ता है. जैसा प्रभाव इन रंगों का हमारे दिमाग पर पड़ता है ,वैसा ही प्रभाव हमारे मूड पर पड़ता है.यानि की रंग भी हमारे मूड को प्रभावित करते हैं। हमारे दिल और दिमाग में उठने वाले सकारात्मक और नकारात्मक भाव के लिए काफी हद तक ये रंग भी जिम्मेदार होते हैं. मन के चलिए की हमारे व्यक्तित्व पर इन रंगों का गहरा प्रभाव रहता है. आइये इन रंगों के बारे में विस्तार से जाने कि कौन -सा रंग हमारे व्यक्तित्व और मूड  को किस प्रकार प्रभावित करता है-

लाल रंग हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाने और मूड को खुशनुमा बनाये रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसे ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के साइकोलॉजिस्ट डॉ. ब्रिवर ने लगभग एक हजार महिलाओं पर शोध करके यह साबित कर दिया कि महिलायें खासकर अपना आत्मविश्वास बढाने और मूड को खुशनुमा रखने के लिए ना सिर्फ लाल रंग के कपड़े पहनती हैं बल्कि लाल रंग के लिपस्टिक का भी इस्तेमाल ज्यादा करती हैं.

काला रंग आपके अंदर की शक्ति अर्थात पावर को प्रदर्शित करता है. इसलिए जब कभी कहीं शक्ति का प्रदर्शन करना होता है तो काले रंग को प्राथमिकता दी जाती है.कानून के तहत वकीलों के काले कोट उनके कार्य के प्रति न्याय और आस्था को प्रकट करता है. कई बार कला रंग लोगों को सकारात्मक उर्जा भी प्रदान करता है.

सफेद रंग मन को शांति तो प्रदान करता ही है, साथ ही यह हमारे आसपास के परिवेश को भी सकारात्मक रखता है. डॉक्टर्स के यूनिफॉर्म सफेद होते हैं. साथ ही अस्पताल में उपयोग आने वाली कई वस्तुएं भी सफेद होती हैं, जो कि पेशेंट को अस्पताल में राहत महसूस कराती है.

पीला रंग हमारे मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है. यह हमारे दिमाग में सेरोटोनिन नामक केमिकल रिलीज करने में मदद करता है, जिससे हमारा मूड अच्छा रहता है.

हरा रंग हमारे मन को एकाग्रता प्रदान करता है.तनाव को कम करके मूड बेहतर रखता है.

नीला रंगआपने अगर गौर किया होगा तो यह आपको जरुर पता होगा कि कॉरपोरेट सेक्टर यानि की बड़ी-बड़ी राष्ट्रिय /बहुराष्ट्रिय कम्पनियों में ज्यादातर नीले रंग का प्रयोग किया जाता है. कुछ खास शोध से यह बात भी सत्यापित हुआ है कि  यह रंग कर्मचारियों की सृजनशीलता, रचनात्मकता और कार्यक्षमता को बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 

इस लेख के माध्यम से आपको कुछ ख़ास रंगों के बारे में जानकारी दी गयी है कि वो किस प्रकार हमारे व्यक्तित्व व मूड को प्रभावित करते हैं. इसलिए आप जब भी अपने जीवन में किसी भी चीज का चुनाव (घर,कपड़े, फर्नीचर आदि) करें तो रंगों का विशेष ख्याल रखें.

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