अति का कोई अंत नही होता



क्या बात है यार ! कितना सुंदर तूने अपना मकान बनाया है. अरे वाह,  मैने जो आज तेरे ऑफिस का इंटीरियर डेकोरेशन  देखा तो सचमुच हैरान रह गया. आज से पहले इतने हाई स्टैण्डर्ड का इंटीरियर डेकोरेशन मैने नही देखा था. बड़ी किस्मत वाली हैं आप जो इतनी सुंदर बहु मिली है आपको. अरे ! आपका बेटा इंजीनियर बन गया , क्या बात है आपके तो अब भाग्य खुल गये , जमकर मांगिएगा दहेज में कैश. अरे भाई ! मैं किसी आम घरेलू पढ़ी -लिखी लड़की से शादी नही करने वाला हूँ. पूरे 7 साल कड़ी मेहनत किया है , तब जाके बैंक में अफसर बना हूँ और अब तो लड़की भी बस मुझे अपनी तरह अछे पद -प्रतिच्स्था वाली ही चाहिए. थोड़ी उम्र ज्यादा हो जाये तो हो जाये , कोई फर्क नही पडता. लेकिन बीबी तो नम्बर -1 चाहिए. 

आपने भी अकसर इस तरह की बातें करने वाले को हमेशा ही किसी ना किसी रूप में अपने घर-परिवार दोस्त समाज आदि के बीच जरुर पाया होगा. दरअसल लोग चाहे कितनी भी प्रेरक कथाएँ  पढ़ लें , सुविचार लिख लें, सत्संग में बैठकर भजन -कीर्तन कर लें, यहाँ तक की किसी के निधन होने पर उसके अंतिम संस्कार में शामिल होकर नश्वर जीवन के रहस्य को समझ लें किन्तु कुछ पल बाद , दो चार दिन बाद या दो -चार महीने बाद उनका  मन फिर से उन्ही चीजों को पाने की ओर भागने लगता है, जिसकी कोई सीमा ही निर्धारित नही है. मान लीजिये किसी ने सोचा कि वो IAS बनेगा. उसने जमकर मेहनत भी की, मगर नही बन पाया. अब वो अपनी इसी असफलता को पकड़कर बैठ जाता है और लगता कभी अपने भाग्य को कोसने, तो कभी देश के सिस्टम को कोसने. और इधर जब  उम्र हाथ से निकलने लगती है तो घरवालों को भी कोसने लगता है. अब छोटी नौकरी करने में संकोच होने लगता है तो समाज से कटने -बचने लगता है. इस तरह से और भी कई उदाहरण है हमारे घर -परिवार और समाज में जहाँ लोग लगभग हर  बात में टॉप लेवल की बात को महत्व देते हैं. साधारण चीजों में भी कोई अच्छी बात छुपी होगी, इसको नजरंदाज कर देते हैं. आज की तारीख में क्या अमीर क्या गरीब , अधिकाँश लोगों की सोच यही हो गयी है. 

किन्तु एक सुकून भरी जिन्दगी जीने के लिए बहुत जरुरी है कि लोग इस बात को समझे कि किसी भी अति का कोई अंत नही होता है. आप कितनी भी उंचाई पर चढ़ते जाइए, फिर धीरे -धीरे आपको नीचे आना ही पड़ता है. प्रकृति का नियम भी यही कहता है कि हमेशा किसी के पास सफलता स्थाई रूप में नही रहती है. ये उपर -नीचे होते रहती है. इसलिए जीवन के इस रहस्य को समझते हुए उन सभी सुविचारों को अपने जीवन में अमल भी कीजिये जो महान ग्रन्थों व् पुस्तकों में लिखे गये हैं.

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