महिलाएँ भी बन सकती हैं सफल निवेशिका – 14 टिप्स
जमाना कितना आधुनिक हो चुका है, यह कोई बताने अथवा समझाने वाली बात नही है, लेकिन यह बात आज के ज़माने में भी काफी हद तक सत्य है कि महिलाएँ खर्च करना तो अभी भी बिना बताये सीख लेती हैं, लेकिन बचत करना अथवा सही योजना में निवेश करना सिखाने पर भी मन से नही सीखना चाहती हैं. इसका कारण कोई एक नही, बल्कि कई कारण है. फिर भी एक सामाजिक उदाहरण के माध्यम से मैं इस विषय को समझाने का प्रयास कर रही हूँ कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होना कितना जरुरी है. कल मिसेज वर्मा की बेटी निकिता की तबियत अचानक ही खराब हो गयी. निकिता का पेट दर्द से बुरा हाल था. और मिस्टर वर्मा दफ्तर के काम से पंद्रह दिन के लिए दुर्गापुर गए हुए थे. जब मिसेज वर्मा निकिता को लेकर डॉक्टर के पास गयीं तो डॉक्टर ने बताया कि निकिता को अपेंडिक्स है. अगर अठारह घंटे के भीतर ऑपरेशन न किया गया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है. इसलिए जितनी जल्दी हो सकें ऑपरेशन के लिए कम से कम 20 हजार रुपयों का इंतजाम किया जाए. मिसेज वर्मा तो एकदम से घबड़ा गयी,क्योँकि घर में उनके पास इतना रुपया था नहीं और इस शहर में उनका कोई निकट संबंधी भी नहीं था जो उन्हें इतने रूपये देता। बैंक में भी उनका अपना कोई निजी खाता नहीं था. वो तो उनके हाथ में सोने के दो कंगन थे,जिन्हें वो गिरवी रखकर रुपयों का इंतेजाम कर ली. जिस तरह मिसेज वर्मा को अकेले में अचानक ही रुपयों की जरुरत आन पड़ी, उसी तरह किसी भी महिला को अचानक से किसी अनिवार्य कार्य के लिए रुपयों की जरुरत पड़ सकती है. इसलिए बहुत जरुरी है कि आप गाँव या शहर जहाँ कहीं भी रहती हों, बैंक में अपना एक निजी खाता अवश्य रखें. अगर आप गृहणी हैं तो घर के खर्चों में से कुछ पैसा बचाकर बैंक में अपना खाता खोल सकती हैं. अगर आप स्टूडेंट हैं तो भी हाथ खर्च के लिए मिलने वाले पैसे में से कुछ पैसा बचाकर अपना खाता खोल सकती है. थोड़ा-थोड़ा करके बचाया गया यह पैसा बुरे समय में बहुत काम आता है. किन्तु बैंक में खाता खोलने से पहले बहुत जरुरी है कि आप कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें –
1. अगर सम्भव हो तो खाता खोलने के लिए सबसे पहले आप उस बैंक का चुनाव करें, जो आपके घर से सबसे नजदीक पड़ता हो. क्योंकि कभी-कभी बैंक घर से काफी दूर पड़ता है जिसके कारण आलस में पैसा समय पर जमा नहीं हो पाता है.
2. जब आप बैंक में खाता खोलने जाएँ तो फॉर्म वगैरह पर हस्ताक्षर करते समय इस बात का खास ख्याल रखें की आपके हस्ताक्षर ऐसे हों, जिनकी नकल कोई और न कर पाए.
3. आप अपने खाते की चेक बुक तथा पास बुक को हमेशा अच्छी जगह पर संभाल कर रखें.
4. आप जब भी अपने खाते में पैसा जमा करें या पैसा निकालें तो पास बुक में एंट्री कराने का काम जल्दी से जल्दी करवा लें. वैसे आजकल इसकी सूचना आपके मोबाइल पर भी आ जाती है. फिर भी पास बुक में एंट्री करवा लेने में ही भलाई है.
5. अगर आपका चेक बुक या पास बुक कहीं खो जाए तो इसकी सूचना बैंक को जल्दी देने की चेष्टा करें.
6. चेक बुक के जिल्द पर चेक संख्या लिखी होती है। इसलिए जब आपको बैंक से चेक बुक प्राप्त हो तो चेक संख्या के अनुसार चेक के पन्ने अवश्य गिन लें.
7. अभी भी कम पढ़ी-लिखी महिलाएँ खाते से पैसा निकालने के लिए जब चेक भरती हैं तो चेक पर कई असम्बद्ध बातें भी लिख देती हैं, जिससे की बैंक कर्मचारियों को असुविधा होती है.
8. आपके खाते में बैंक द्वारा जो सूद या ब्याज दिया जा रहा हैं वह ठीक है या नहीं, इसकी जांच अवश्य कर लिया करें.
9. कोरे चेक पर कभी भी हस्ताक्षर करके न रखें क्योँकि हस्ताक्षर किया हुआ चेक किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग गया तो वो इसका गलत उपयोग कर सकता है.
10. जब भी आप अपने खाते में नकद राशि या चेक जमा करने जाए तो जमा पर्ची में अपना अकाउंट नंबर यानि की खाता नंबर सही-सही लिखें. कुछ लोग जमा पर्ची पर खाता नंबर गलत या अस्पष्ट लिख देते हैं जिसके कारण कभी–कभी उनकी रकम किसी और के खाते में जमा हो जाती है.
11. चेक या जमा पर्ची में आवश्यक बातें भरते समय (जैसे की नाम, अकाउंट नंबर, अमाउंट इत्यादि) न तो ज्यादा काट-छांट करें और न ही ओवरराईटिंग करें.
12. बैंक में समय-समय पर आने वाली नई योजनाओं की पूर्ण जानकारी रखा करें.
13. आजकल लगभग सभी बैंक डिजीटल हो चुके हैं. आप पैसों का लेन-देन घर बैठे मोबाइल एप्प के माध्यम से भी कर सकती हैं, किन्तु जरुरी है कि आप अपने पैसों को बैंक में सुरक्षित रहने देने के लिए इसका पासवर्ड गुप्त तथा सुरक्षित रखें.
14. विगत कुछ वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समिति बनाकर भी महिलाएँ स्वयं सहायता ग्रुप में पैसा जमा कर रही हैं, जिसे बैंक से लिंक कर दिया गया है और इस पर महिलाओं को जमा राशि पर बैंक द्वारा ब्याज भी दिया जाता है.
इस प्रकार आप देखेंगी कि अब महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा स्वयं उनके हाथ में हैं. जरुरी है बस आपको जागरूक होने की.
तस्वीर – सप्तरंग स्टूडियो से (आर्टिस्ट– रश्मि पाठक)

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