एक कुशल वक्ता और श्रोता बनने के लिए पढ़िए ये 12 टिप्स

पहले के जमाने की बात तो अब छोड़ ही दीजिए, चलिए हम आज के इस डिजीटल युग में एक कुशल वक्ता एवं श्रोता बनने की बात करते हैं. क्योंकि आज के इस मॉडर्न कल्चर वाले जमाने में भी एक कुशल वक्ता एवं श्रोता बनना कोई आसान काम नहीं है. मेरी मानिए तो आज भी ये बात उतनी ही सच है, जितनी की बीते जमाने में थी कि एक अच्छा श्रोता ही सिर्फ एक अच्छा वक्ता बन सकता है. अब यहाँ पर अपने घर–समाज और आस–पास की कुछ आम घटनाओं का जिक्र करते हुए मैं अपना ये लेख आगे बढ़ाना चाहती हूँ.

नीरज बारहवीं कक्षा का छात्र है.  उसे अधिक बोलने की ऐसी आदत है कि कई व्यक्तिगत बातें भी वह दूसरों के सामने बोल जाता है. शिखा को अकसर दूसरों की बातें बीच में ही काटकर बोलने की आदत है. अंकित जब भी किसी से बात करता है तो अभद्र शब्दों का उपयोग करता है.  प्रकाश किसी छोटी सी बात को इतना बढ़ा-चढ़ा कर या यूँ कह लीजिए कि इतना विस्तार से बताने लगता है कि सुनने वाला ऊब जाता है. स्मिता बड़ी से बड़ी महत्वपूर्ण बात को इतने शॉर्टकट में बताती है कि सुनने वाला उसकी आधी बात समझ पाता और आधी बात उसके सर के उपर से ही गुजर जाती है. अब मैं यहीं पर आपको  जया की बात बताती हूँ. जया साधारण से चुट्कुलें को भी इस अंदाज में सुनाती है कि सुनने वाला हँसते-हँसते लोटपोट हो जाता हैं.  दूसरी तरफ प्रिया मजेदार से मजेदार चुटकुले को भी ऐसे सुनाती है, जैसे वह कोई लघु कथा सुना रही हो.

दैनिक जीवन से जुड़े हुए ये चंद उदाहरण द्वारा यह साबित होता है इस संसार में हर व्यक्ति के बोलने का अंदाज अलग-अलग होता है. मगर इस बात से आप हरगिज इंकार नही कर सकते हैं कि बोलने का अंदाज काफी हद तक सुनने वाले के उपर पर भी निर्भर करता है. यहाँ पर मेरे कहने का अर्थ है कि एक कुशल वक्ता वही बन सकता है जो एक अच्छा श्रोता हो.

आज के इस डिजीटल वर्ल्ड में तो अब एक अच्छा वक्ता बनने के लिए लोग कई प्रकार के प्रोफेशनल कोर्स करने लगे हैं. ताकि वो घर से लेकर बाहर तक की दुनिया में अपनी आवाज और अंदाज से लोगों के बीच अपनी जगह बनाने में सफल हो सके. किन्तु फिर भी असफल हो जाते हैं. घर में कोई पार्टी आदि चल रही हो और उन्हें कोई कुछ सुनाने बोल दे तो बस जुबान लड़खड़ाने लगती है और चेहरा पसीने से तरबतर होने लग जाता है. मंच पर इनका क्या हाल होता होगा, ये बताने वाली बात नही है और आजकल सोशल मीडिया पर होने वाले लाइव प्रोग्राम में तो कई लोग नर्वस होते हुए नजर आते हैं और सुनाने कुछ आये थे, सुनाकर कुछ और ही चले जाते हैं. फिर इस video को बिना चेक किये अनगिनत लोगों के प्रोफाइल पर टैग भी कर देते हैं या ग्रुप में शेयर कर देते हैं. इनसे आये दिन मैं भी सोशल मीडिया पर परेशानी महसूस करती हूँ. इन्हें लगता है कि इनसे इनके लाइक और शेयर बढ़ेंगे, लेकिन उल्टा लोग अपने प्रोफाइल से इनकी video डिलीट कर देते हैं. कोई अच्छा ग्रुप इनको approval भी नही देता है. इसलिए मेरा ये लेख उन सभी लोगों को अवश्य पसंद आएगा, जो लोग ठोस रूप में सफल होना चाहते हैं और अपने हुनर से या अपने बेहतरीन गुणों के माध्यम से इस समाज को कुछ अच्छा देना चाहते हैं.

तो फिर चलिए एक कुशल वक्ता एवं श्रोता बन्ने के लिए मुख्य रूप से किन – किन बातों पर ध्यान देना चाहिए, इस पर गौर करें-

(1) अगर आपको अधिक बोलने की आदत हो तो इस आदत को छोड़ देने की कोशिश कीजिए क्योँकि ज्यादा बातूनी होने से कई व्यक्तिगत बातें भी मुहं से निकल जाती हैं. इसका साइड इफेक्ट बाद में आपकी व्यक्तिगत जिन्दगी में कई प्रकार की उलझने पैदा कर देता है.

(2) अगर कोई व्यक्ति अपनी बातें बता रहा हो तो उसकी बात ध्यान से सुनें. जब उस व्यक्ति की बातें पूरी हो जाए, तभी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करें.  बीच में ही किसी की बातें काटकर बोलने से सामने वाला व्यक्ति खीज जाता है.

(3) बात करते वक्त कभी भी अभद्र व् अश्लील शब्दों का प्रयोग न करें. यह आपके व्यक्तित्व की गरिमा को धूमिल करता है.

(4) अगर किसी से बात करते वक्त जोर की हंसी आने लगे तो ताली बजाकर न हँसे या फिर किसी के उपर हँसते-हँसते लदने न लगें.

(5) बड़ी सी बड़ी महत्वपूर्ण बात को न तो अत्यंत संक्षेप में बताएं और न ही छोटी से छोटी बात को अति विस्तार से बताएं.

(6) अगर कोई व्यक्ति आपको अपनी बातें सुना रहा हो तो पूरी रूचि से उसकी बार सुने. बीच-बीच में इस तरह की प्रतिक्रिया जाहिर करते रहें कि सामने वाले व्यक्ति को लगे कि आप उसकी बातें सुन रहें हैं. अगर उसकी बात पर आप सही प्रतिक्रिया जाहिर कर सकतें हो, यानि की उसके किसी बात या सवाल का उचित जबाब दे सकतें हो तो दें, नहीं तो बेकार के बहस में पड़कर अपना समय नष्ट न करें.

(7)अगर दो-चार लोग किसी गंम्भीर विषय पर बातचीत कर रहें हो या फिर कोई व्यक्ति गंम्भीर बातें बता रहा हो तो उसकी बातें गम्भीरता से ही सुने, बीच में मजाकिया बातें न करें.

(8) अगर किसी की बातों से आप बोर हो रहें हो तो धीरे-धीरे मौका देखकर कोई काम का बहाना करके वहां से उठ जाएँ या टॉपिक बदलने का प्रयास करें.

(9) खाना खाते वक्त भी कुह लोगों को ज्यादा बक-बक करने की आदत होती है. क्योँकि कभी-कभी खाना खाते वक्त बात करने से खाना मुंह से गिरने लगता है, जिससे कि साथ खाने वाले को घृणा लगती है. कभी-कभी खाते वक्त बात करने से अन्न का कोई दाना गले में इस प्रकार से फंस जाता है कि व्यक्ति खाँसते-खाँसते परेशान हो जाता है. इसलिए खाना खाते वक्त सिर्फ जरुरी बातें ही करें.

(10)किसी व्यक्ति को मुंह पर ही जली-कटी कड़वी बातें कहकर बाद में यह सफाई देना कि भाई मैं तो दिल का साफ़ इंसान हूँ, जो दिल में होता है बोल देता हूँ. यह एकदम से गलत आदत है.  इस तरह की आदत से बचिए.

(11) अभी के डिजीटल युग में अधिकांश लोगों में यह विकृति देखी जा रही है कि वो अपने पोस्ट अथवा video आदि को वायरल करने के लिए किसी के पेज या प्रोफाइल पर आयेंगे और अपना पोस्ट या video शेयर करेंगे और फिर गायब हो जायेंगे. यानि कि वो चाहते हैं कि उनकी post या video ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचे. लेकिन उसी व्यक्ति के किसी पोस्ट पर आकर देखना उनको समय की बर्बादी लगती है. इतना ज्यादा स्वार्थी न बने. आप भी दूसरों के अच्छे video देखें- सुने और और एक शब्द लिखकर ही प्रतिक्रिया दें.

(12) एक बात जो मैं अपने लेख में अवश्य उनसभी भाई–बहनों से कहना चाहूँगी, जो लाइव प्रोग्राम देने में काफी रूचि रखते हैं, वो अच्छे से तैयारी करके कैमरे के सामने आयें. अगर आपके चेहरे पर घबड़ाहट नजर आती है तो आपके श्रोताओं का ध्यान आपकी रचना सुनने पर कम और आपके चेहरे पर दिखने वाली घबड़ाहट और पसीने पर चर्चा करने में बीत जाती है. आप लाइव प्रोग्राम पूरी तैयारी के साथ दें और अपने लाइव प्रोग्राम के video को कही पर भी शेयर करने से पहले एक बार चेक जरुर कर लें.

अपने इस लेख में मैं घर से लेकर बाहर तक की दुनिया में एक अच्छा वक्ता और श्रोता बनने के वो टिप्स को लिखने का प्रयास की हूँ, जो मुझे सही लगा है. आशा है हमारे पाठकों को पसंद आएगा.

टिप्पणियाँ

  1. अत्यंत व्यावहारिक सुझाव । मुझे विश्वास है कि इन सुझावों पर अमल करने के बाद शत प्रतिशत संप्रेषण की समस्या (communication problem) समाप्त हो जाएगी।

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  2. Bahut hi satik aur sarthak lekh hai....parker samjhne aur dhyan dene ki jarurat hai

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