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संकोच त्याग कर पहल करना सीखिए

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 कल मिसेज शर्मा जब बाजार से पांच मीटर कपड़ा खरीद कर लायीं, तो घर में नापने पर वह कपड़ा चार मीटर सत्तर सेंटीमीटर ही निकला. दुकानदार की इस धोखेबाजी पर मिसेज शर्मा को बहुत गुस्सा आया. वे कई बार सोचीं की दुकानदार से जाकर इस बात की शिकायत करें, किंतु झिझक व संकोच के कारण  कि कहीं दुकानदार ही उन्हें कुछ उल्टा- सीधा न कह दे, इसलिए वो दुकानदार के पास गयी ही नहीं यानि की मिसेज शर्मा अपने संकोची स्वभाव के कारण दुकानदार से शिकायत नहीं कर पायीं. देखा जाए तो मिसेज शर्मा की तरह कितने ही लोग अपने संकोची स्वभाव के कारण अपना छोटा- मोटा नुकसान तो क्या कभी-कभी बड़ा नुकसान भी कर बैठते हैं. कुछ लोग तो इतने संकोची होते हैं कि डॉक्टर से अपनी कुछ ख़ास बीमारियों को भी बताने से झिझकते है, कई लोग कोई नया काम धंधा शुरु तो करना चाहते हैं, किंतु संकोची मन में कई प्रकार के विचार उठने लगते हैं. कभी लगता है कि समाज क्या कहेगा? कहीं लोग मेरा मजाक तो नहीं उड़ाएंगे? इसी झिझक व संकोची स्वभाव के कारण वे कोई भी काम- धंधा ठीक से शुरू नहीं कर पाते हैं. ऐसी स्थिति में वह मानसिक तनाव से ग्रस्त हो जाते हैं, जिसका प्रभाव उनक...

बच्चों को अनुशासित करने के 18 सूत्र

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माना कि आज का युग डिजीटल युग है और बच्चों के समुचित विकास तथा उज्जवल भविष्य के लिए जरुरी है कि बच्चे डिजीटल वर्ल्ड को विस्तार से समझें, ताकि ज़माने के साथ चलना आसान बना रहे. किन्तु माता-पिता को मुख्य रूप से यह समझना बहुत जरुरी है कि इस डिजीटल वर्ल्ड में भी सफलता प्राप्त करने के लिए बच्चों को अनुशासन की शिक्षा स्नेह, प्रेम और सुरक्षा के साथ देते रहना बहुत जरूरी है। वैसे तो अनुशासन की शिक्षा सरल प्रतीत होती है। लेकिन बच्चों को अनुशासित करना कोई आसान काम नहीं है। अनुशासन की शिक्षा बच्चों को उचित तथा अनुकूल समय पर दी जाए तभी परिणाम स्थायी मिलता है। अनुशासनहीन बच्चे घर, परिवार, समाज- देश सभी के लिए बोझ बन जाते हैं। लेकिन आजकल उचित अनुशासन उसी को माना जाता है जो बच्चों को स्वतंत्रता प्रदान करते हुए समाजिक व्यवहार सिखाएं। अर्थात बच्चों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए माता-पिता या अभिभावक उसे प्रेम, सहानुभूति तथा स्नेह के सहारे धीरे-धीरे अनुशासन के मार्ग पर ले जाएँ. यदि आप भी अपने बच्चे को अनुशासित करना चाहते हैं अथवा उसके वर्तमान को सुदृढ़ कर उसके भविष्य को स्वर्णिम बनाना चाहते है, तो अनुशासन ...