पुस्तक प्रेमी हैं, तो जरुर बनाइए एक होम लाइब्रेरी
आज के डिजीटल वर्ल्ड में ये बात सच है कि लोगों के बीच बुक्स का क्रेज धीरे –धीरे खत्म होता जा रहा है, किन्तु इसे पूरा सत्य मानना भी सही नही है, क्योंकि आज के डिजीटल युग में भी काफी बड़ी संख्या में ऐसे पुस्तक प्रेमी हैं, जो अपने पसंद के लेखकों की पुस्तके खरीदते भी हैं और उन्हें सहेज कर रखते भी हैं. आज का मेरा ये लेख ऐसे ही पुस्तक प्रेमियों के लिए है. लाइब्रेरी यानि की पुस्तकालय वो जगह है जहां विद्या व ज्ञान की देवी सरस्वती से हमारी साक्षात मुलाकात होती है. अब आप ही सोचिए कि जिस जगह पर हमारी मुलाकात ज्ञान की देवी से होती होगी वह जगह कितना पवित्र एवं अनमोल होगा. अगर आपको ज्ञान की देवी से मिलकर ज्ञान हासिल करने की इच्छा हो तो आप प्रतिदिन जरूर लाइब्रेरी जाइए. किंतु हो सकता है कि किसी कारणवश आप प्रतिदिन लाइब्रेरी जाने में स्वयं को असमर्थ पाते होंगे, यानि की हो सकता है कि लाइब्रेरी आपके घर से बहुत दूर हो या फिर सदस्यता शुल्क बहुत ज्यादा हो. अपनी बढ़ती हुई आयु तथा स्वास्थ्य समस्या के कारण भी आप लाइब्रेरी नही जा पाते हों. कई बार ऐसा भी होता है कि आपकी पसंद की पुस्तकें लाइब्रेरी में बहुत कम हों...