क्या आपका बच्चा भी लिखने से जी चुराता है ?
आज मैं इस लेख में बच्चों की पढ़ाई से सम्बंधित एक बड़ी समस्या का जिक्र कर रही हूँ. हो सकता है कि आपमें से कई माता -पिता का ध्यान अपने बच्चे की इस समस्या की ओर नही हो गया हो, किन्तु 24 साल से स्कूली शिक्षा से जुड़े होने के कारण मेरा अपना यह अनुभव रहा है कि आज के बच्चे लिखने से भागते हैं. इसके लिए अगर कोरोना काल में लगे लॉक डाउन को इसका कारण माना जाये तो मैं उससे भी पूरी तरह से सहमत नहीं हूँ. दरअसल आधुनिक युग के बच्चे मोबाइल, लैपटॉप आदि से इतना ज्यादा जुड़ गये हैं कि उन्हें इन आधुनिक उपकरणों पर टाइप करना आसान लगता है और कॉपी पर लिखना कठिन काम लगता है.जबकि बच्चों के लिए लिखना कितना जरुरी है, ये कोई बताने वाली बात ही नही है. बार -बार किसी पाठ को पढ़ने और लिखने से ही बच्चों में पढाई के प्रति लगन जागती है और वो पढाई में मजबूत बनता है. लिखने की कला अथवा क्रिया से बच्चों को जोड़ने के लिए सबसे ज्यादा ध्यान स्कूल में टीचर को और घर पर माता -पिता को देना चाहिए. अगर आप एक ऐसे माता -पिता अथवा अभिभावक हैं जो ये मानते है कि किसी बड़े स्कूल में दाखिला करवा देने से या घर पर महंगे ट्यूटर रख देने से उनकी जिम्मेदा...